सोमवार, 3 जून 2013

सूरत पे मेरी चाँद नज़र आता है अब भी क्या ?

Old muslim couple Royalty Free Stock PhotosCartoon of Muslim Man & Woman Stock Image

बीवी ने पूछा मियां से आँखें झपक-झपककर ,
सूरत पे मेरी चाँद नज़र आता है अब भी क्या ?
शौहर ने कहा प्यार से आँखें मसल-मसलकर ,
ऐनक बिना लगाये मुझे दिखता ही है कहाँ .

बीवी ने कहा आपने ये वादा था किया ,
लाओगे तोड़ तारे मेरे लिए यहाँ .
शौहर ने कहा टूट गयी मेरी कमर ही अब ,

कमरे से बाहर जाना भी मुश्किल है जाने जाँ .

बीवी ये बोली टेलीफोन घर में एक लगा लो ,
बच्चों से यहीं बैठके मैं बातें करूंगी .
शौहर ने कहा बातें तेरी मुझको हैं खाती ,

बच्चों के दिमागों को क्यूं करती हो फ़ना .

शौहर ने कहा जाओ अब रोटी दो बना दो ,
फाकाकशी में जान कहीं निकल न जाये .
बीवी ने कहा हाथों में मेरे जान नहीं अब 
जाओ मिटाओ भूख अपनी ढाबे में मियां .


       शालिनी कौशिक 
           [WOMAN ABOUT MAN]

3 टिप्‍पणियां:

shikha kaushik ने कहा…

very well written shalini ji .congr8s

Madan Mohan Saxena ने कहा…

बहुत खूब .खूबसूरत गज़ल है. हर शेर लाजवाब है !

Shalini Kaushik ने कहा…

shikha ji v madan ji aabhar