शनिवार, 8 जून 2013

"दोस्ती "

सुश्री शांति पुरोहित की कहानी  "दोस्ती  "  






                                                                                                                                                        रुकसाना और हेमा दोनों बहुत अच्छी दोस्त थी | दोनों की उम्र ही क्या थी, रुकसाना,दस साल की ,हेमा आठ साल की,पर दोनों मे गहरी दोस्ती थी | पिछले दो साल से, रुखसाना हेमा को 'ईद, पर सेवइया खिलाती रही है | आज हेमा के घर पर 'सत्यनारायण भगवान ' की कथा रखवाई है |
                                सब को बुलाया गया है | हेमा ने रुकसाना को कहा ''कल हमारे घर सत्यनारायण भगवान की कथा है तुम, जरुर आना |'
                      दोनों बच्चिया मासूम ,धर्म के बारे मे क्या जाने | उनको धर्म की परिभाषा भी पता नहीं थी | हिन्दू -मुसलमान का धर्म भे, वो क्या जाने | दोनों धर्मो मे कोई भेद नहीं है | दोनों  धर्म मे बल्कि दुनिया के तमाम धर्मो मे ,इंसानियत, का ही पाठ पढाया जाता है | इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है | प्रेम,भाईचारा और सम- भाव से जीना ही धर्म का मूल मन्त्र है |
                        हेमा के घर मे कथा की तमाम तैयारिया लगभग पूर्ण हो चुकी थी | पंडित जी आसन पर विराज मान हो गये | सभी आगन्तुक अपने- अपने आसन पर बैठ गये थे | हेमा भी बैठ गयी मम्मी के पास,पर उसका पूरा ध्यान ,दरवाजे की और था | रुकसाना अभी तक नहीं आयी थी |
                             पंडित जी ने कथा आरम्भ कर दी | हेमा का ध्यान कथा मे नहीं ,ये देख कर उसकी ममी ने कहा ''वो नहीं आएगी ,तुम कथा मे ध्यान दो | हेमा चुप-चाप बैठ गयी | सोचने लगी कहा, तो भी रुकसाना अभी तक क्यों नहीं आयी |'
                           तभी पंडित जी ने कथा की पूर्णाहुति की घोषणा की | और कहा ''सब लोग प्रसाद लेकर ही घर जाये ,प्रसाद नहीं लेने से भगवान का अपमान होता है | हेमा ने एक प्लेट मे प्रसाद लिया और दरवाजे की तरफ जाने लगी | उसकी दादी ने उसे रोक कर कहा ''कहाँ जा रही है ?' 'रुकसाना को प्रसाद देने जा रही हूँ |' हेमा ने कहा | ''नहीं जाना है प्रसाद देने,वो मुस्लिम है, भगवान नाराज हो जायेंगे |' हेमा सोच मे पड गयी, कि पंडित जी ने कहा,वो सही है, या दादी कह रही है वो सही है | उसने तय किया ,कि वो रुकसाना को प्रसाद जरुर से देकर आएगी |
                     हेमा ने दादी से छुप कर रुकसाना को प्रसाद खिलाया और वो इंतजार करने लगी कि देखती हूँ ,भगवान्  क्या करते है |,रुकसाना मुझे सेवइया खिलाती है तब तो भगवान नाराज नहीं होते | बाल मन मे फिर शंका उभरी | दस दिन हो गये कुछ नहीं हुआ | हेमा ने सोचा,दादी कुछ नहीं जानती है | भगवान कुछ बुरा नहीं करते है | हमारी दोस्ती ही भगवान् को अच्छी लगी है, तभी कुछ बुरा नहीं हुआ है |

                                                                                                               शांति पुरोहित 

15 टिप्‍पणियां:

Shalini Kaushik ने कहा…

heart touching story .

shikha kaushik ने कहा…

सुन्दर सार्थक पोस्ट .शुभकामनायें
<a href="http://www.facebook.com/HINDIBLOGGERSPAGE”>हम हिंदी चिट्ठाकार हैं</a>

shikha kaushik ने कहा…


हम हिंदी चिट्ठाकार हैं

Shanti Purohit ने कहा…

हार्दिक आभार शालिनी मेम,शिखा मेम

Archu Mishra ने कहा…

bahut khoob.........aur satya vachan, maanav bhed karta hai manav mein kintu ishwar nahi, ishwar to sabke hain chaahe jis roop aur naam mein unka smaran kiya jaaye........

अरुणा ने कहा…

अच्छी कहानी

prashant choubey ने कहा…

रियल्टी ऑफ मुस्लिमस जानने के लिए पढ़े मेरा ब्लाग
मुसलमानों से दोस्ती ना रे बाबा ना। जो मुस्लिम गौ हत्या करते हो वो क्या बात करेगे दोस्ती की। सावधान भारत पाकिस्तान ना बनने पायें। जो लोग गौ हत्या करते है, उनसे अगर आप दोस्ती करके अगर आप उन्हें बढ़ावा देकर सेक्युलरिजम का फर्ज निभायेगे तो समझ ले आपको कोई कान्हा माफ नहीं करने वाला। आज गंगा में गौ माँस और गाय का खून प्रवाहित किया जाता है। मुझे आपका ये ब्लाग बिल्कुल पसंद नहीं आया। समझ ले आप दूसरे पाकिस्तान की और हिन्दुस्तान को ले जा रहे है।

prashant choubey ने कहा…

मेरे ब्लाग पर जाये और पढ़े मुसलमानों से दोस्ती ना रे बाबा ना। ब्लाग अड्रेस है-http://prashant3.blogspot.com

prashant choubey ने कहा…

मुसलमानों की हकीकत जानने को जाये मेरे ब्लाग पर और पढ़े मुसलमानों से दोस्ती ना रे बाबा ना। ब्लाग अड्रेस है- http://prashant3.blogspot.com
और मुसलमानों गौ हत्या करते है तो उन्हें भगवान क्यों माफ करेगा।

prashant choubey ने कहा…

हिन्दु धर्म में गाय माता के समान मानी जाती है। और सभी हिन्दु उसकी पूजा भी करते है। पर उसी गौ माता को ये मुस्लिम कत्ल करते है और उसका माँस खाते है। मुस्लिम ही क्यों इसाई धर्म के लोग भी इस गौ माता को काट कर खाते है अब बताइये कैसे करें हम इनसे दोस्ती ।एक ही धर्म हिन्दु धर्म। जिस कन्हैया को गौ माता सबसे प्यारी थी अगर उसी गौ माता को कत्ल करने वाले का अगर मैं साथ दूँ तो क्या भगवान मुझे माफ करेगा। नहीं करेगा। इसलिए ये भगवान का बन्धन है। क्योंकि हिन्दुओं का भगवान लोगो की रक्षा करने को बोलता है, शाकाहारी रहने को बोलता है और मुस्लिमों का भगवान उन्हें क्रूर बनाता है। औऱ क्या पता रुखसाना ने हेमा के सेवइयों में गौ माँस डालकर उसे खिला दिया हो। ये ही होती है मुसलमानों की जात । हमसे भी कई मुस्लिम कहते है कि चलो सेवईया खा लो पर हम नहीं जाते क्योंकि हमें इनकी औकात पता है। आज आपसे ये सेवई खाने को बोलगे। फिर आपको जबरदस्ती या छुप कर गौ माँस भी खिलाते है। इनसे बच कर रहे और मेरे ब्लाग पर मेरा पोस्ट 'मुसलमानों से दोस्ती ना रे बाबा ना' जरूर पढ़े। । http://prashant3.blogspot.in

prashant choubey ने कहा…

हिन्दु धर्म में गाय माता के समान मानी जाती है। और सभी हिन्दु उसकी पूजा भी करते है। पर उसी गौ माता को ये मुस्लिम कत्ल करते है और उसका माँस खाते है। मुस्लिम ही क्यों इसाई धर्म के लोग भी इस गौ माता को काट कर खाते है अब बताइये कैसे करें हम इनसे दोस्ती ।एक ही धर्म हिन्दु धर्म। जिस कन्हैया को गौ माता सबसे प्यारी थी अगर उसी गौ माता को कत्ल करने वाले का अगर मैं साथ दूँ तो क्या भगवान मुझे माफ करेगा। नहीं करेगा। इसलिए ये भगवान का बन्धन है। क्योंकि हिन्दुओं का भगवान लोगो की रक्षा करने को बोलता है, शाकाहारी रहने को बोलता है और मुस्लिमों का भगवान उन्हें क्रूर बनाता है। औऱ क्या पता रुखसाना ने हेमा के सेवइयों में गौ माँस डालकर उसे खिला दिया हो। ये ही होती है मुसलमानों की जात । हमसे भी कई मुस्लिम कहते है कि चलो सेवईया खा लो पर हम नहीं जाते क्योंकि हमें इनकी औकात पता है। आज आपसे ये सेवई खाने को बोलगे। फिर आपको जबरदस्ती या छुप कर गौ माँस भी खिलाते है। इनसे बच कर रहे और मेरे ब्लाग पर मेरा पोस्ट 'मुसलमानों से दोस्ती ना रे बाबा ना' जरूर पढ़े। । http://prashant3.blogspot.in

prashant choubey ने कहा…

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मुसलमानों और इसाईयों का क्या धर्म है यह आप मेरे ब्लाग पर जरूर पढ़े। ऐसा लगता है जैसे कि मेरे हिन्दु धर्म के भाई बहनों का खून पानी बन चुका है इसलिए वो सेक्यूलर बनके हिन्दु और मुस्लिम धर्म को एक ही मानते है। मित्रों मेरे ब्लाग पर मुझे फालो करें औऱ जाने क्या अन्तर है हिन्दु और अन्य धर्मों में। मुसलमान धर्म एक ढ़ोगी धर्म है औऱ कुछ नही। मुझे ये पोस्ट एकदम बेकार लगी। हिन्दु मुस्लिमों के भगवान एक नहीं अलग अलग है। सेक्युलर नहीं सनातनी बनों। भारत को पाकिस्तान बनने से बचाओ। मुसलमानों की हकीकत जानना है तो जाओ पाकिस्तान जहाँ हिन्दुओं को मारा जा रहा है। सम्भल जाओ हिन्दुओं नहीं तो जिन्दगूी भर बुरके में रह जाओगे।

prashant choubey ने कहा…

हिन्दु धर्म में गाय माता के समान मानी जाती है। और सभी हिन्दु उसकी पूजा भी करते है। पर उसी गौ माता को ये मुस्लिम कत्ल करते है और उसका माँस खाते है। मुस्लिम ही क्यों इसाई धर्म के लोग भी इस गौ माता को काट कर खाते है अब बताइये कैसे करें हम इनसे दोस्ती ।एक ही धर्म हिन्दु धर्म। जिस कन्हैया को गौ माता सबसे प्यारी थी अगर उसी गौ माता को कत्ल करने वाले का अगर मैं साथ दूँ तो क्या भगवान मुझे माफ करेगा। नहीं करेगा। इसलिए ये भगवान का बन्धन है। क्योंकि हिन्दुओं का भगवान लोगो की रक्षा करने को बोलता है, शाकाहारी रहने को बोलता है और मुस्लिमों का भगवान उन्हें क्रूर बनाता है। औऱ क्या पता रुखसाना ने हेमा के सेवइयों में गौ माँस डालकर उसे खिला दिया हो। ये ही होती है मुसलमानों की जात । हमसे भी कई मुस्लिम कहते है कि चलो सेवईया खा लो पर हम नहीं जाते क्योंकि हमें इनकी औकात पता है। आज आपसे ये सेवई खाने को बोलगे। फिर आपको जबरदस्ती या छुप कर गौ माँस भी खिलाते है। इनसे बच कर रहे और मेरे ब्लाग पर मेरा पोस्ट 'मुसलमानों से दोस्ती ना रे बाबा ना' जरूर पढ़े। । http://prashant3.blogspot.in
मुसलमानों और इसाईयों का क्या धर्म है यह आप मेरे ब्लाग पर जरूर पढ़े। ऐसा लगता है जैसे कि मेरे हिन्दु धर्म के भाई बहनों का खून पानी बन चुका है इसलिए वो सेक्यूलर बनके हिन्दु और मुस्लिम धर्म को एक ही मानते है। मित्रों मेरे ब्लाग पर मुझे फालो करें औऱ जाने क्या अन्तर है हिन्दु और अन्य धर्मों में। मुसलमान धर्म एक ढ़ोगी धर्म है औऱ कुछ नही। मुझे ये पोस्ट एकदम बेकार लगी। हिन्दु मुस्लिमों के भगवान एक नहीं अलग अलग है। सेक्युलर नहीं सनातनी बनों। भारत को पाकिस्तान बनने से बचाओ। मुसलमानों की हकीकत जानना है तो जाओ पाकिस्तान जहाँ हिन्दुओं को मारा जा रहा है। सम्भल जाओ हिन्दुओं नहीं तो जिन्दगूी भर बुरके में रह जाओगे।

Shanti Purohit ने कहा…

अरुणा जी / अरचु मिश्रा जी बहुत शुक्रिया

Kailash Sharma ने कहा…

बहुत शिक्षाप्रद कहानी...