गुरुवार, 18 अप्रैल 2013

ना है कोई शिकायत तुझसे-कविता



ना है कोई शिकायत तुझसे, ना करते हैं कोई शिकवा तुझसे,चाहे रहे  रूठा  तू मुझसे, पर दिल में मेरे ये प्यार सदा रहेगा, तू मुझे चाहे हा भूल जाए ये मर्ज़ी है तेरी पर मुझे तो हर पल तेरा ही इंतज़ार रहेगा,
ना है कोई शिकायत तुझसे, ना करते हैं कोई शिकवा तुझसे,चाहे रहे  रूठा  तू मुझसे, पर दिल में मेरे ये प्यार सदा रहेगा, तू मुझे चाहे हा भूल जाए ये मर्ज़ी है तेरी पर मुझे तो हर पल तेरा ही इंतज़ार रहेगा,
तुने चाहा तब मुझे तनहा  छोड़ दिया, मेरा दिल जब चाहे तोड़ दिया, है खिलौना मेरा ये दिल बस तेरे लिए,पर फिर भी ना है कोई शिकवा तुमसे, करते हैं इतनी मोहब्बत हम तुमसे,
है प्यार सिर्फ एक खेल तुम्हारे लिए, हम ये जान कर भी तुमसे मोहब्बत करते हैं, हर लम्हा तुम्हे ही याद करते हैं, काश तुम्हे भी कभी प्यार का एहसास  हो जाए, जो दिल में है प्यार मेरे तुम्हारे लिए तुम्हारे दिल भी मेरे लिए आ जाए, बस एक झूठी उम्मीद के साथ हम जिए जा रहे हैं, झूठी आस दे कर खुद को बहला रहे हैं,
जानते हैं हम एक पत्थर दिल से मोहब्बत का गुनाह हुआ है हमसे, वो तो सिर्फ ठोकर देना जानता है प्यार क्या है उसे है पता क्या, पर दिल को अपने झूठी उम्मीद देते हैं, कभी तो वो पत्थर पिग्लेगा ये सोच कर हम जीते हैं, उसके दिल में भी कभी मेरे प्यार की नदिया बहेगी ये सोच कर हम अस्खों की लहरे छुपाते हैं, मिलते हैं उनसे कभी तो हर पल मुश्कुराते हैं,
मिले हर लम्हा जिंदगी से दर्द मुझे, मिली अक्सर बेवफाई अपनों से ही मुझे, दर्द और बेवफाई की तो आदत है मुझे, उन्हें लगता है दर्द दे कर वो खुद से जुदा कर देंगे मुझे, बेवफा बन कर किसी और को बना कर अपना वो मुझसे दूर चले जायंगे, अगर है ख़ुशी उनकी इसमें तो चाहे वो जहाँ जाए, पर हमने की है उनसे मोहब्बत इतनी की मरने के बाद भी हम उनका ही इंतज़ार करेंगे, इस जन्म में वो हमे ना मिल सके तो कोई गम नहीं, हम उनके मिलने का हर जन्म में इंतज़ार करेंगे,
पर ना  कोई शिकायत तुझसे करेंगे, ना कोई शिकवा तुझसे करेंगे,
चाहे रहे  रूठा  तू मुझसे, पर दिल में मेरे ये प्यार सदा रहेगा, तू मुझे चाहे हा भूल जाए ये मर्ज़ी है तेरी पर मुझे तो हर पल तेरा ही इंतज़ार रहेगा,
ना है कोई शिकायत तुझसे, ना करते हैं कोई शिकवा तुझसे,चाहे रहे  रूठा  तू मुझसे, पर दिल में मेरे ये प्यार सदा रहेगा, तू मुझे चाहे हा भूल जाए ये मर्ज़ी है तेरी पर मुझे तो हर पल तेरा ही इंतज़ार रहेगा,

1 टिप्पणी:

शालिनी कौशिक ने कहा…

.भावात्मक अभिव्यक्ति ह्रदय को छू गयी आभार नवसंवत्सर की बहुत बहुत शुभकामनायें कौन मजबूत? कौन कमजोर ? .महिला ब्लोगर्स के लिए एक नयी सौगात आज ही जुड़ें WOMAN ABOUT MANजाने संविधान में कैसे है संपत्ति का अधिकार-1